यह फोटो सोशल मीडिया पर कई बार कई मौक़ों पर शेयर किया जाता रहा है, इस फोटो के पीछे की कहानी भी दिल दहला देने वाली है !
घटना है 15 जनवरी 2010 की, जब अफगानिस्तान में दक्षिणी कंधार में तैनात अमरीकी सेना की 'स्ट्राइकर ब्रिगेड' के 5 सैनिकों ने 15 वर्षीय निहत्थे अफगान बालक गुलबुद्दीन जिसके पिता एक किसान थे, की गोली मार कर हत्या की, और उसके बाद उसकी लाश के साथ फोटो खिंचवाए !
इन पांच सैनिकों के नाम थे, एंड्रू होल्म्स, माइकल वैगनों, जेरेमी मोरलॉक और आदम इन्फिएल्ड ! इन्होने उस खेतों में काम कर रहे निहत्थे गुलबुद्दीन पर ठीक वैसा ही हमला किया जैसा कि किसी हथियार बंद आतंकियों की टोली पर करते हैं, हैंड ग्रेनेड फेंके और गोलियां मरी गयीं, बच्चे की अर्धनग्न लाश के साथ फोटो शूट करने के बाद वो उसे वहीँ पड़ा छोड़ गए थे !
अमरीकी सेना की 'स्ट्राइकर ब्रिगेड' के इन 5 सैनिकों ने इसके बाद 22 फ़रवरी 2010 में मराक आग़ा नाम के एक बच्चे की कलाश्निकोव राइफल से नज़दीक से सर में गोली मार कर हत्या की !
उसके बाद 2 मई 2010 में इन्होने मुल्ला अहदाद नाम के एक निहत्थे की ग्रेनेड और राइफल से गोलियां मार कर हत्या की !
यह लोग यहीं नहीं रुके इन्होने मारे गए लोगों की लाशों के साथ दुर्दांत हरकतें की, किसी के मृत शरीर का सर अलग कर उसके साथ फोटो खिंचवाया तो किसी मृत शरीर पर बोर्ड लगा कर उसपर 'तालिबान मर गया है' जैसे नारे लिख कर फोटो खिंचवाए !
यही नहीं जब वो अमरीका लौटे तो उनके द्वारा मारे गए अफगानी लोगों के शरीर की उंगलियों की हड्डियाँ, पैर की हड्डियाँ और दांत भी एक जीती हुई ट्रॉफी की तरह साथ लेकर गए !
इन अमरीकी सैनिकों की इस अमानवीय हरकतों की फोटो जब अखबारों में छपी तो विश्व भर में इसकी तीव्र प्रतिक्रियाएं हुई, निंदा और लानतें भेजी गयीं, आखिर में अमरीकी सेना ने इन सैनिकों के कृत्य के लिए माफ़ी मांगी तथा सैन्य अदालत ने केल्विन गिब्स को अफगान नागरिकों की हत्या का दोषी माना, व बाक़ी दोषी सैनिकों के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाही के साथ साथ मुक़दमों की भी अनुशंसा की गयी !
Source :-
https://en.wikipedia.org/wiki/Maywand_District_murders
http://www.aljazeera.com/news/americas/2011/11/201111114265669553.html
http://www.bbc.com/hindi/lg/southasia/2010/09/100910_ussoldiers_afghan_vv.shtml
घटना है 15 जनवरी 2010 की, जब अफगानिस्तान में दक्षिणी कंधार में तैनात अमरीकी सेना की 'स्ट्राइकर ब्रिगेड' के 5 सैनिकों ने 15 वर्षीय निहत्थे अफगान बालक गुलबुद्दीन जिसके पिता एक किसान थे, की गोली मार कर हत्या की, और उसके बाद उसकी लाश के साथ फोटो खिंचवाए !
इन पांच सैनिकों के नाम थे, एंड्रू होल्म्स, माइकल वैगनों, जेरेमी मोरलॉक और आदम इन्फिएल्ड ! इन्होने उस खेतों में काम कर रहे निहत्थे गुलबुद्दीन पर ठीक वैसा ही हमला किया जैसा कि किसी हथियार बंद आतंकियों की टोली पर करते हैं, हैंड ग्रेनेड फेंके और गोलियां मरी गयीं, बच्चे की अर्धनग्न लाश के साथ फोटो शूट करने के बाद वो उसे वहीँ पड़ा छोड़ गए थे !
अमरीकी सेना की 'स्ट्राइकर ब्रिगेड' के इन 5 सैनिकों ने इसके बाद 22 फ़रवरी 2010 में मराक आग़ा नाम के एक बच्चे की कलाश्निकोव राइफल से नज़दीक से सर में गोली मार कर हत्या की !
उसके बाद 2 मई 2010 में इन्होने मुल्ला अहदाद नाम के एक निहत्थे की ग्रेनेड और राइफल से गोलियां मार कर हत्या की !
यह लोग यहीं नहीं रुके इन्होने मारे गए लोगों की लाशों के साथ दुर्दांत हरकतें की, किसी के मृत शरीर का सर अलग कर उसके साथ फोटो खिंचवाया तो किसी मृत शरीर पर बोर्ड लगा कर उसपर 'तालिबान मर गया है' जैसे नारे लिख कर फोटो खिंचवाए !
यही नहीं जब वो अमरीका लौटे तो उनके द्वारा मारे गए अफगानी लोगों के शरीर की उंगलियों की हड्डियाँ, पैर की हड्डियाँ और दांत भी एक जीती हुई ट्रॉफी की तरह साथ लेकर गए !
इन अमरीकी सैनिकों की इस अमानवीय हरकतों की फोटो जब अखबारों में छपी तो विश्व भर में इसकी तीव्र प्रतिक्रियाएं हुई, निंदा और लानतें भेजी गयीं, आखिर में अमरीकी सेना ने इन सैनिकों के कृत्य के लिए माफ़ी मांगी तथा सैन्य अदालत ने केल्विन गिब्स को अफगान नागरिकों की हत्या का दोषी माना, व बाक़ी दोषी सैनिकों के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाही के साथ साथ मुक़दमों की भी अनुशंसा की गयी !
Source :-
https://en.wikipedia.org/wiki/Maywand_District_murders
http://www.aljazeera.com/news/americas/2011/11/201111114265669553.html
http://www.bbc.com/hindi/lg/southasia/2010/09/100910_ussoldiers_afghan_vv.shtml














