मंगलवार, 13 मार्च 2018

युद्ध का नया घातक हथियार 'HAARP' गुप्त रूप से तैयार किया जा चुका हैं, इस्तेमाल कभी भी !!


अमरीका ने कभी WMD (नर संहारक हथियारों) के नाम पर ईराक़ को बदनाम कर विश्व समुदाय को मूर्ख बनाया और युद्ध करके सद्दाम हुसैन को रास्ते से हटा कर कठपुतली सरकार बैठाई और उसके बाद तेल व्यवसाय को अपनी कंपनियों को ठेके दिलाकर हथियाया, इराक के पास तो खैर WMD न तो थे और आ ही बरामद हुए, मगर दुनिया को बाद में पता चला कि विश्व का सबसे बड़ा WMD तो अमरीका ने शायद गुप्त रूप से तैयार भी कर लिया है, और वो मारक हथियार है HAARP !
HAARP का नाम सुना है आपने, नहीं सुना हो तो आज इसके बारे में जान लीजिये, HAARP का फुल फॉर्म है 'High Frequency Active Auroral Research Program', अर्थात हाई फ्रीक्वेंसी एक्टिव औरोरल रिसर्च प्रोग्राम', इस प्रोग्राम की स्थापना 1992 में गाकोना, अलास्का में की गयी थी !
HAARP यानि उच्चस्तरीय एंटेनाओं का समूह वायुमंडल की ऊपरी परत, जिसे आइनोंस्फेयर कहते हैं में उच्च आवृत्ति रेडियो तरंगें और ऊर्जा की भारी मात्रा संचारित करता है ! आईनोस्फेयर वस्तुतः पृथ्वी के वायुमंडल की वह परत है जहाँ आयनों और मुक्त इलेक्ट्रॉनों की भारी मात्रा संकिलित रहती है तथा जो रेडियो तरंगों को प्रतिबिंबित करने में सक्षम है, यह पृथ्वी की सतह से 80 से 1000 किमी की ऊंचाई तक फैली हुई होती है !
इस परियोजना को अमेरिकी वायु सेना, अमेरिकी नौसेना और अत्याधुनिक रक्षा रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA) द्वारा वित्त पोषित किया गया, इसका संचालन वायु सेना अनुसंधान प्रयोगशाला और नौसेना अनुसंधान कार्यालय द्वारा संयुक्त रूप से होता था !
HAARP के शक्तिशाली एंटेना प्रणाली के माध्यम से आईनोस्फेयर क्षेत्र को नियंत्रित किया जाता था, आधिकारिक वेबसाइट, www.haarp.alaska.edu के अनुसार, HAARP का उपयोग आइनोंस्फेयर क्षेत्र के तापमान में एक छोटा स्थानीय परिवर्तन करने में किया गया, उसके पश्चात HAARP स्थल के करीब स्थित अन्य उपकरणों के माध्यम से उसके कारण होने वाली प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया जाता था !
लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य के अंतर्राष्ट्रीय संस्थान International Institute of Concern for Public Health के अध्यक्ष रोसली बर्टेल ने कहा कि HAARP एक प्रकार का विशाल हीटर है जिसके कारण आइनोंस्फेयर क्षेत्र में बड़ी उथलपुथल हो सकती है । इससे प्रथ्वी की सुरक्षात्मक परत में छेद हो सकता है, जिसके कारण घातक विकरण की बमबारी भी हो सकती है !
भौतिक विज्ञानी डॉ बर्नार्ड एस्त्लुन्द के अनुसार यह आइनोंस्फेयर क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा हीटर है, अमेरिकी वायु सेना द्वारा HAARP को एक अनुसंधान कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन सैन्य दस्तावेजों इस बात की पुष्टि करते हैं कि इसका मुख्य उद्देश्य मौसम के मिजाज में फेरबदल और संचार और रडार में खलल डालना है, जो आइनोंस्फेयर क्षेत्र में संशोधन के माध्यम से संभव होता है !
रूसी राज्य ड्यूमा की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका HAARP कार्यक्रम के द्वारा बड़े पैमाने पर प्रयोग में लगा हुआ है और ऐसे हथियार बना रहा है, जो रेडियो संचार लाइनों और अंतरिक्ष यान और रॉकेट के उपकरणों को तोड़ने में सक्षम हों ! उसकी योजना बिजली नेटवर्क, तेल और गैस पाइपलाइनों में गंभीर दुर्घटनाओं को भड़काने की भी है, जिसका संपूर्ण क्षेत्र के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पडेगा !
अमेरिकी वायु सेना की जो योजना सूत्रों से प्रकाश में आई है, उसके विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि मौसम के मिजाज, संचार और विद्युत प्रणाली में गुप्त हेरफेर वैश्विक युद्ध का एक घातक हथियार बनने जा रहा है, जो अमेरिका को सम्पूर्ण क्षेत्र को बाधित करने और हावी होने में सक्षम बना देगा !
इस हथियार का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ उसकी जानकारी के बिना किया जा सकेगा और उसकी अर्थव्यवस्था, पारिस्थितिक तंत्र और कृषि को अस्थिर करने में इस्तेमाल करना संभव होगा, वित्तीय और कमोडिटी बाजार में कहर आ जाएगा, कृषि के क्षेत्र में व्यवधान होने से खाद्य सहायता के लिए अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों पर ज्यादा निर्भरता होगी !
HAARP सिस्टम पूरी तरह से कार्यक्षम है, संक्षेप में कहा जाए तो मौजूदा पारंपरिक और सामरिक हथियार प्रणालियां इसके सामने बौनी हैं, यद्यपि इसके सैन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग का कोई ठोस सबूत नहीं मिला, किन्तु वायु सेना के दस्तावेज यह अवश्य दर्शाते हैं कि HAARP अंतरिक्ष के सैन्यीकरण का एक अभिन्न हिस्सा है !
HAARP की इस खबर से स्वाभाविक ही सम्पूर्ण विश्व के कान खड़े हो गए और व्यापक विरोध शुरू हुआ, कहा गया कि इसके द्वारा भूकंप लाये जा सकते हैं, क्षेत्र विशेष में सूखे की स्थिति निर्मित की जा सकती है, तूफ़ान उठाये जा सकते हैं, बाढ़ लाई जा सकती है, वायुयान दुर्घटनाएं कराई जा सकती हैं, अन्य देशों के अंतरिक्ष कार्यक्रम को रोका जा सकता है, और सबसे बड़ी बात यह प्रकृति के साथ छेड़छाड़ है !
नतीजतन मई 2013 में इसे अस्थाई रूप से बंद किया गया और बाद में अगले ही वर्ष मई 2014 में घोषणा की गई कि इसे अंतिम रूप से बंद कर दिया गया है, किन्तु यह पटाक्षेप नहीं था, अगस्त 2015 में इसका स्वामित्व यूनिवर्सिटी ऑफ़ अलास्का फेयरबैंक्स को सोंप दिया गया, अर्थात गुपचुप काम चलता रहेगा !
HAARP की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यदि किसी देश पर इसका प्रयोग किया जाए तो उस देश को इसका पता भी नहीं चलेगा, क्योंकि ये अदृश्य तरंगीय हमला होगा, कल्पना कीजिये कि किसी देश की इंटरनेट सेवा का अचानक से ठप्प पड़ जाना आज किसी देश को पंगु बनाने के लिए काफी है !
बैंकिंग प्रणाली ध्वस्त हो जायेगी और घंटों तक उस देश के सारे काम रुक जायेंगे,आंतरिक संपर्क इतना अस्त-व्यस्त हो जायेगा कि अराजकता पैदा हो जायेगी, सैन्य कार्रवाई के रूप में भी संचार को अक्षम करना किसी देश को तबाह करने के लिए काफी होगा, उदाहरण के लिए, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम पर निर्भरता, जो अमेरिका द्वारा नियंत्रित है, HAARP बड़ी आसानी से हवाई जहाजों और मिसाइलों को बेअसर बना सकती है !
कई अंग्रेजी वेब साइट्स ने तो यहाँ तक दावा किया है कि मलेशिया की फ्लाइट MH370 की दुर्घटना के पीछे इसी HAARP तकनीक का हाथ था, इसके अलावा जापान में 2011 में आये भूकंप और 2003 में हुई स्पेस शटल कोलंबिया के हादसे में इसी HAARP का परिक्षण का हाथ रहा, इसके उन्होंने तर्क भी साथ दिए हैं आप चाहें तो यहाँ पढ़ सकते हैं :-
साथ में ये भी ज़रूर पढ़िए कि HAARP का माइंड कण्ट्रोल एजेंडा क्या है और किस तरह से ये काम करता है :-

और सबसे ख़ास बात वो ये कि इस HAARP प्रोजेक्ट के पीछे भी Illuminati इल्युमिनाती का ही मुख्य हाथ और समर्थन है :-

इसके अलावा 'HAARP – Weapon Of Mass Destruction', आर्टिकल को आप यहाँ पढ़कर इसकी भयानकता का अंदाज़ा लगा सकते हैं :- 

कुल मिलाकर गुप्त रूप से परमाणु बम से भी कहीं हज़ार गुना मारक हथियार HAARP को तैयार कर उसका सफल परिक्षण भी अमरीका और ब्रिटैन कर चुके हैं और शायद आगामी विश्व युद्ध यदि हुआ तो वो इस सभ्यता के लिए आखरी ही होगा, इसके बाद वाला विश्व युद्ध पत्थरों और डंडों से ही लड़ा जायेगा ये लगभग तय हो चुका है, और साथ में ये भी तय हो चुका है कि विश्व का सबसे बड़ा आतंक मचाने वाला और विश्व का सबसे भयंकर और मारक WMD रखने वाला खुद अमरीका ही है न कि इराक़ !
HAARP के बारे में आप विकिपीडिया पर यहाँ पढ़ सकते हैं :-
https://en.wikipedia.org/wiki/High_Frequency_Active_Auroral_Research_Program

रविवार, 11 मार्च 2018

मिलिए मुल्क को 900 + डॉक्टर्स देने वाले डा. अब्दुल क़दीर साहब से !!





आज मुल्क की एक ऐसी मशहूर-ओ-मारूफ शख्सियत से मिलने का शर्फ हासिल हुआ, जिनके बारे में सिर्फ सुना ही था, और वो हैं “शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन्स” के फाउंडर जनाब डा. अब्दुल क़दीर साहब !

डा. अब्दुल क़दीर साहब का नाम मुल्क में तालीमी बेदारी के आइकॉन के तौर पर लिया जाता है, और उनके तालीमी इदारे “शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन्स” का नाम दुनिया भर में बेहतरीन तालीम और कोचिंग के लिए जाना जाता है !

डा. अब्दुल क़दीर साहब का कोटा (राजस्थान) में अल-बयान पब्लिक स्कूल के उद्घाटन के सिलसिले में आना हुआ, इस स्कूल के सरपरस्त असिस्टेंट प्रोफ़ेसर (उर्दू) जनाब डा. मोहम्मद नईम साहब हैं !

डा. अब्दुल क़दीर साहब एक इंजिनियर हैं, मगर इन्होने मुल्क में तालीमी बेदारी के साथ साथ
एक नेक इंसान बनाने की मुहीम के लिए काम करने का फैसला लिया, और 1989 में एक छोटे से कमरे में 17 स्टूडेंट्स के साथ कोचिंग इंस्टिट्यूट की शुरुआत की, आज इस इंस्टिट्यूट के अंतर्गत 16 प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज और 9 कॉलेज चल रहें हैं साथ ही एक डिग्री कॉलेज भी चलाया जा रहा हैं जिसकी ब्रांच बंगलौर और मैसूर में है !

“शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन्स” में 50 फ़ीसदी स्टूडेंट्स गैर मुस्लिम हैं, और यहाँ लड़कियों के लिए Bsc और BA की तालीम का अलग से इंतज़ाम भी है, और ये इंस्टीटूशन ऑटोमोबाइल और मोबाइल फ्री है !

डा. अब्दुल क़दीर साहब का कहना था कि आजकल लोग अपने लिए बड़े बड़े मकान तामीर कर रहे हैं, और इस तामीर पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं, मगर लोग अपनी नस्ल की तामीर के लिए बिलकुल भी फिक्रमंद नहीं हैं, जबकि नस्ल की तामीर मकान की तामीर से ज़्यादा अहम् है, उनका कहना था कि एक बच्चे/बच्ची को पढ़ाया तो समझिये कि एक नस्ल को शिक्षित कर दिया !

शाहीन ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट के अंतर्गत KG से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा के साथ साथ प्रोफेशनल कोर्सेज की कोचिंग भी दी जाती है, 2012 में इस इंस्टिट्यूट के 71 स्टूडेंट्स ने, 2014 में 89 , 2015 में 93 स्टूडेंट्स, 2015 में 111, 2016 में 158 और 2017 में 2000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी हासिल की !

2008 से इस इंस्टिट्यूट के 1764 स्टूडेंट्स ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और बाक़ी के प्रोफेशनल गवर्नमेंट कोर्सेज में प्रवेश लिया ! शाहीन इंस्टिट्यूट के 900 स्टूडेंट्स ने MBBS में सफलता हासिल कर एक रिकॉर्ड बनाया है !

डा. अब्दुल क़दीर साहब का कहना था कि हमारे लिए एक एक बच्चा क़ीमती है, तालीम से कोई बच्चा या बच्ची महरूम ना रहे, वो हर तबके को तालीम देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, इसके लिए उन्होंने स्कालरशिप प्रोग्राम्स चला रखे हैं !

शाहीन इंस्टिट्यूट में न सिर्फ प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए कोचिंग दी जाती है, बल्कि स्कूल्स में उन्हें तालीम के साथ एक नेक इंसान और सभ्य नागरिक, आज्ञाकारी संतान बनाने पर भी ज़ोर दिया जाता है, सबसे अहम् बात डा. अब्दुल क़दीर साहब ने ये बताई कि आज उनके इंस्टिट्यूट में कई बड़े भाजपा नेताओं, संघ से जुड़े पदाधिकारियों के बच्चे पढ़ते और कोचिंग लेते हैं, और ख़ास बात ये कि उन बच्चों के नैतिक व्यवहार के सुधर पर खुद वो आकर डा. साहब का शुक्रिया अदा करते हैं !

आज उनके इंस्टिट्यूट में 25 राज्यों के बच्चे मेडिकल कोचिंग के लिए प्रवेश लेने आते हैं और साथ ही विदेशों से भी लोग अपने बच्चों को पढ़ने और मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए भेजते हैं !

हर साल 200 से ज़्यादा मेडिकल स्टूडेंट्स सफल होकर सरकारी कॉलेजेज़ में सीट हासिल करते हैं, अब डा. अब्दुल क़दीर साहब ने शाहीन ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट को विस्तार दिया है, और शिमोगा, बेलगावी, मैसूर, गुलबर्गा, कोलार, राइचूर, पटना, औरंगाबाद और लखनऊ में अपनी ब्रांचेज खोली हैं, और जयपुर (राजस्थान) में भी इसकी जल्दी ही शुरुआत की जाने की बात कही है !

डा. अब्दुल क़दीर साहब ने अपने “शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन्स” में ही 'हिफज़ुल क़ुरआन' का एक अलग ही तीन चार तरह के कोर्सेज भी शुरू किये हुए है, इसके अलावा वो मुल्क के तमाम हुफ़्फ़ाज़ (हाफिजों) के लिए B A Bsc ,और प्रोफेशनल कोर्सेज भी शुरू किये हुए हैं, साथ ही इन्हे कोर्सेज ख़त्म करने के बाद प्लेसमेंट में भी पूरी मदद की जाती है !

http://hifzulquranplus.com/

डा. अब्दुल क़दीर साहब को शिक्षा और निस्वार्थ समाज सेवा के लिए प्रतिष्ठित 'गुरुकुल अवार्ड', टीचिंग रत्न प्रशस्ति पत्र, और 'डा. मुलताज खान अवार्ड' के साथ साथ कर्नाटक उर्दू अकादमी से भी पुरस्कार दिए जा चुके हैं !

डा. अब्दुल क़दीर साहब और उनके जज़्बे के लिए डा. अल्लामा इकबास साहब का एक शेर पेश है :-

तू शाहीन है, परवाज़ है काम तेरा !
.
तेरे सामने आसमां और भी हैं !!

मुझे ख़ुशी है कि कोटा शहर भी अल-बयान पब्लिक स्कूल की तालीम से रोशन होगा !

अगर आप “शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन” के बारे में कुछ जानना चाहते हैं, कुछ मालूमात करना चाहते हैं, तो उनके इस आधिकारिक लिंक पर जाकर देख सकते हैं :-
http://www.shaheengroup.org/

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

यमलोक में भी मार्केटिंग डिवीज़न


न्यू इंडिया में एक आदमी की मौत हो गयी, यमराज उसे और उसकी 'लाइफ फाइल' को लेकर ऊपर यमलोक लेकर पहुंचे, जहाँ बही खाता जांचने वाले डिपार्टमेंट ने उस आदमी की फाइल की गहन जाँच पड़ताल की, गुणा भाग करने के बाद उसके कर्मों के नतीजे देख कर सब हैरान रह गए, मामला 50 - 50 पर आकर रुक गया, यानी पाप भी 50% और पुण्य भी 50% !

ये देखकर यमलोक का स्टाफ असमंजस में पड़ गया कि इसे नर्क में भेजें या स्वर्ग में ? किसी सयाने ने सलाह दी कि सिक्का उछाल कर हेड और टेल करा लो, तो किसी ने पर्ची निकालने की सलाह दी, अंत में ये फैसला हुआ कि नर्क या स्वर्ग में जाने का निर्णय इस बन्दे पर ही छोड़ते हैं !

यमराज ने उस आदमी से कहा कि आपको नर्क जाना है या स्वर्ग ये हम आप पर ही छोडते हैं, आप जो पसंद करेंगे वही फाइनल होगा, मगर बाद में आप अपना निर्णय नहीं बदल सकते, ये सुनकर वो आदमी खुश हो गया और उसने इस फैसले के लिए अपनी रज़ामंदी दे दी, यमराज ने तुरंत ही अपने एक कर्मचारी को बुलाकर उस बन्दे के साथ भेज दिया !

जब वो कर्मचारी उसे लेकर स्वर्ग के द्वार पर पहुंचा तो उस आदमी ने देखा कि वहां बाहर अँधेरा छाया हुआ है, वीरानी फैली हुई है, स्वर्ग के गेट पर काई जमी हुई है, मैले कुचैले कपडे पहने एक चौकीदार उदास बैठा है, जब वो और पास गया तो उसे अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज़े सुनाई देने लगीं, लगा जैसे अंदर किसी पर भयंकर ज़ुल्म हो रहे हों, वो घबरा गया और साथ आये कर्मचारी से कहा कि मित्र मुझे नर्क भी दिखाओ !

वो कर्मचारी उसे लेकर आगे बढ़ा तो कुछ ही देर बाद उसे जगमग रोशनियां नज़र आने लगी, चारों ओर साफ़ सफाई, और खूब रोशनियां हो रहीं थीं, उसने साथ चल रहे कर्मचारी से पूछा कि ये रोशनियां किस की हैं तो उसने जवाब दिया कि सर जी ये नर्क की रोशनियां हैं !

जब वो नर्क के द्वार के पास पहुंचे तो उसने देखा कि नर्क के बाहर एक गार्डन में भी कुछ लोग मौज मस्ती कर रहे हैं, सुन्दर सुन्दर अप्सराएं, फल, मदिरा और मेवे लिए उनकी सेवा में खड़ी थीं, उस आदमी ने देखा कि नर्क के गेट पर एक सुन्दर सा चौकीदार उम्दा शेरवानी और सर पर पगड़ी पहने हर अंदर जाने वाले को मुस्कुरा कर झुक एक गुलाब का फूल दे रहा था, नर्क के अंदर से उसे मधुर संगीत के साथ खूब हंसने और अट्टहास लगाने की आवाज़े आ रही थीं !

वो ये देखकर हैरान रह गया, उसने अपने साथ आये कर्मचारी से कहा कि आप जाकर यमराज से कह दीजिये कि उसे यहीं नर्क में रहना है, स्वर्ग बिलकुल नहीं जाना ! कर्मचारी ने मुस्कुरा कर कहा ठीक है सर जी, उसके बाद उसने उस आदमी को नर्क के चौकीदार के हवाले किया और वापस यमराज के पास निकल लिया !

वो आदमी जब चौकीदार के पास पहुंचा तो चौकीदार ने अदब से झुक कर उसे एक गुलाब का फूल दिया और नर्क का दरवाज़ा खोलते हुए कहा वेलकम सर जी ! वो आदमी जैसे ही थोड़ी दूर अंदर गया उसके होश उड़ गए, वहां लोग उलटे लटके हुए थे, राक्षस किसी को आग में तपा रहे थे तो किसी पर सांप बिच्छु छोड़े हुए थे, चारों ओर चीत्कारें और रोने की आवाज़ें आ रही थीं, वो आदमी पलट कर भागा और दरवाज़े पर आकर चौकीदार से कहा कि मुझे बहार निकालो, चौकीदार की आवाज़ आयी कि जो एक बार अंदर गया बाहर नहीं आ सकता !

उस आदमी कहा कि मेरी यमराज से बात करा दो मेरा केस नया है और स्पेशल है, उस चौकीदार ने फ़ौरन ही व्हाट्सअप वीडियो कॉलिंग कर यमराज से उसकी बात कराई, यमराज ने कहा क्या परेशानी है तुम्हे, तुमने अपने आप ही सब कुछ देख भाल कर नर्क का चुनाव किया है ?

वो आदमी बोला यमराज सर स्वर्ग के बाहर मनहूसियत छाई हुई थी, अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं, बूढा बदहाल चौकीदार बाहर बैठा था, मैं स्वर्ग में कैसे अंदर चला जाता ? और उसके उलट मुझे नर्क के बाहर एक से बढ़कर एक आनंददायक चीज़ें देखने को मिलीं, उसी को देखकर मैंने अपना फैसला लिया, मगर अंदर आकर वास्तविकता कुछ और ही निकली , ये तो चीटिंग है, मेरा साथ तगड़ी चोट हो गयी, ये मामला क्या है सर ?

यमराज ने कहा देखो मानव आजकल मार्केटिंग का दौर है, सियासत से लेकर उत्पादों तक लोग मार्केटिंग कर लोगों को कैसे भी करके मूर्ख बनाकर अपना उल्लू सीधा करते हैं, नेता मार्केटिंग कर जनता को उल्लू बनाकर वोट हासिल कर लेते हैं, कम्पनियाँ मार्केटिंग कर नल्ला माल बेचकर फरार हो जाती हैं, बाद में कोई पूछने वाला नहीं होता !

तो हमने भी यही सब कुछ देखकर यहाँ यमलोक में अपना भी मार्केटिंग डिवीज़न खोल लिया है, मार्च में क्लोजिंग है, हमें अपना टारगेट भी पूरा करना है, ऊपर से नर्क में आवक जावक बहुत कम होने लगी थी, नर्क का स्टाफ फालतू बैठा है, मुखबिर ने खबर दी थी कि नर्क का स्टाफ काम न होने की सूरत में कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं, उधर स्वर्ग में सीटें फुल थीं, कई लोग वेटिंग में थे, तो हमने सोचा कि नर्क की भी मार्केटिंग करके देखा जाए, तुमने जो कुछ भी देखा वो सब हमारे यमलोक की मार्केटिंग का ही कमाल है !! 😂😛

*नोट : व्यंग्य मात्र है, कृपया विवेक से काम लें !!

गुरुवार, 15 फ़रवरी 2018

फेसबुक की लत से निम्न स्टेप्स अपना कर छुटकारा पाया जा सकता है !


अगर आप सोशल मीडिया एडिक्शन से परेशान हैं, फेसबुक एक लत बनकर आपसे चिपक गया है, छोड़ना चाह कर भी नहीं छोड़ पा रहे हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है, आपको बताता हूँ कि फेसबुक की लत से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है !

इसके लिए आपको एक सप्ताह से भी कम वक़्त में फेसबुक की लत पर काबू पाना आ जायेगा, कैसे ये यहाँ समझिये :-

1 > सबसे पहले तो तय कीजिये कि आपको फेसबुक छोड़ना ही है, उसके बाद ये तय कीजिये कि कितने घंटे दिन या महीने के लिए छोड़ना है, और उसके बाद अपनी इच्छा शक्ति पर यक़ीन बनाईये, यानी कि सोचिये कि आप ये कर सकते हैं "Yes I Can Do It." वाली बात आप अपने दिमाग़ में बैठा लीजिये !

2 > उसके बाद फेसबुक पर जाइये अपनी एक्टिविटीज कम करना शुरू कीजिये, जैसे कि अगर आप 24 घंटों में आठ अपडेट्स करते हैं तो इसको सीमित करना शुरू कीजिये, पहले दिन से ही अपडेट्स कम करना शुरू कीजिये, कोशिश कीजिये कि पहले ही दिन कोई अपडेट ना करें !

3 > उसके बाद अगला क़दम ये कि आप अपने दोस्तों की पोस्ट्स या अपडेट्स पर like या कमेंट करना बंद कर दीजिये, पढ़ सकते हैं मगर आपकी हिस्सेदारी ख़त्म कर दिजीये, इससे आपका कनेक्शन और लगाव ख़त्म होने में मदद मिलेगी, फिर भी दिल ना माने तो ऐसे लोकल और आमियाना अपडेट कीजिये कि कोई दोस्त घास ही नहीं डाले, इससे भी आपकी तबियत को फेसबुक से उखड़ेगी !

4 > इसके बाद आप कोशिश कीजिये कि मोबाइल पर हों तो लॉगआउट हो जाएँ, लॉगिन न रहें, इससे आपको नोटिफिकेशन्स नहीं मिलेंगे, आपकी दूरी बनी रहेगी, कोशिश कीजिये कि उस दौरान नेट भी बंद कर दें, भले ही आधे या एक घंटे से इसकी शुरुआत कर सकते हैं !

5 > इसके बाद अगले दिन मैसेंजर अनइंस्टॉल कर दें, ये भी एक झंझट है इस लत को जारी रखने में !

6 > अगले दिन या कुछ घंटों बाद अगर फेसबुक की तलब उठे तो बेझिझक लॉगिन करें और फेसबुक पर टहल लगाएं, मगर न अपडेट करें ना ही किसी के अपडेट पर किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया दें, इस तरह से आपको दो एक दिन में ही फेसबुक से अलगाव सा महसूस होने लगेगा !

7 > इसके साथ आपने जितने भी लोगों को फेसबुक पर see first किया हुआ है, उन्हें आज़ाद कर दें, इससे आपको उनकी पोस्ट जल्दी नज़र नहीं आएगी !

8 > यही क्रम दो तीन दिन दोहराएं, यानी कुछ घंटे फेसबुक पर टहलें, न लिखें न प्रतिक्रिया दें, जब भी फेसबुक छोड़ें लॉगआउट ज़रूर करें, मैसेंजर आपने पहले ही अनइंस्टॉल कर दिया है, इसके साथ साथ अगर कोई इमरजेंसी वाली बात ना हो तो नेट भी ऑफ करने की मियाद बढ़ाते जाएँ !

9 > इसके बाद अगला क़दम ठान कर उठायें और वो ये कि एक दिन के लिए फेसबुक पर लॉगिन बिलकुल न करें, उसकी जगह ओपेरा मिनी पर या क्रोम पर न्यूज़ चैनल्स देखें या अखबार या कोई ब्लॉग्स आदि पढ़ें !

10 > फिर इसकी मियाद बढ़ा कर दो दिन तीन दिन करते रहिये, इस दौरान अगर मन भटके या फेसबुक की तलब लगे तो अपने घर परिवार के साथ बैठें, दोस्तों को फोन करें, शादी शुदा हैं तो पत्नी बच्चों के साथ घूमने फिरने का छोटा मोटा प्रोग्राम बनायें !

11 > चार पांच दिन में आपको लगने लगेगा कि ये इतना मुश्किल बिलकुल नहीं है, उसके बाद आप ये तय कीजिये कि अब मैं एक हफ्ते के लिए फेसबुक छोड़ दूंगा, और मैं वाक़ई अब छोड़ सकता हूँ, इसके साथ फेसबुक पर लॉगिन कीजिये और अपने फेसबुक छोड़ने की खुले आम घोषणा कर दीजिये, और अपनी वापसी की तारिख या दिन या मियाद भी ज़रूर बताइये, ये आपकी इच्छा शक्ति का मुज़ाहिरा भी होगा, और ये ज़रूरी भी है वो इसलिए कि घोषणा से आप बंध जायेंगे, कहीं आप अपने इरादे से भटके तो आपको फेसबुक पर की गयी घोषणा याद आएगी और आपके क़दम रुक जायेंगे ! कोशिश यही कीजिये कि आपकी जितनी इच्छा शक्ति इजाज़त दे उतने ही दिन के लिए पहली बार फेसबुक छोड़ें, भले ही उसके बाद अगली बार इस मियाद को बढ़ा दें ! एकदम लम्बी मियाद जैसे एक महीने या दो महीने के लिए अचानक से फेसबुक छोड़ना हर किसी के बस की बात नहीं !

12 > और इस ऐलान के फ़ौरन बाद बिना दोस्तों के कमेंट्स या न छोड़ने की रिक्वेस्ट को नज़र अंदाज़ करते हुए एक झटके से फेसबुक से लॉगआउट हो जाइये ! और उसके बाद फेसबुक को भी मैसेंजर की तरह अनइंस्टॉल कर दीजिये, आपको अपने आप पर फख्र सा महसूस होगा, आपको लगेगा कि आपने एक मोर्चा फतह कर लिया, आपने अपनी इस फेसबुक कि लत पर काबू पा लिया है !

13 > इसके बाद आप चाहें तो ट्वीटर पर अपना अकाउंट बनाकर करंट टॉपिक्स पर अपडेट्स वगैरह पढ़ सकते हैं, मगर वहां भी अपनी गतिविधि सीमित ही रखें !

ये सभी नुस्खे मेरे आज़माये हुए हैं, मैं साल में दो तीन बार महीने डेढ़ महीने के लिए फेसबुक छोड़ देता हूँ, आज भी कोई शर्त लगाए तो मैं दस मिनट से भी कम वक़्त में महीने दो महीने फेसबुक छोड़ सकता हूँ ! जब भी ज़रूरत हो आप भी कोशिश कीजिये, दुनिया में कोई भी लत ऐसी नहीं जो ना छोड़ी जा सके !!

शनिवार, 13 जनवरी 2018

अपने अपने खम्भे !!


दरबारी : सरदार सरदार ग़ज़ब हो गया !!

सरदार : क्या हुआ बे ? इतना घबराया क्यों है ? क्या गेंडा प्रजाति खतरे में है, या अपनी कोई CD लीक हो गयी ?

दरबारी : कुछ ऐसा ही समझो सरदार !

सरदार : हुआ क्या है बताता क्यों नहीं !!

दरबारी : अपने एरिये के लोकतंत्र का एक खम्भा हिल गया सरदार !

सरदार : लोकतंत्र ??? खम्भा ?? अच्छा तो मैं क्या करूँ ?

दरबारी : हैं ....? सरदार ये बहुत ही गंभीर बात है, चारों ओर हंगामा हुआ पड़ा है !

सरदार : गंभीर बात .. हा हा हा ...कैसे बे ?

दरबारी : अपने एरिये के लोकतंत्र का एक खम्भा हिला है सरदार !

सरदार : कितने आदमी थी ?

दरबारी : चार रीढ़धारी थे सरदार !

सरदार : सिर्फ चार.....और तुम इन चारों के उठ खड़े होने से ही डर गए सालों ?? अच्छा चल बता...मैं कहाँ बैठा हूँ !

दरबारी : कुर्सी पर !

सरदार : और कुर्सी के कितने पाएं हैं ?

दरबारी : चार !

सरदार : चारों सही सलामत हैं, कोई हिल तो नहीं रहा ?

दरबारी : नहीं सरदार, बल्कि नीचे बहुत सारे भक्त इन चारों पायों को हाथों और दांतों से मज़बूती से पकडे बैठे हैं !

सरदार : आयी बात समझ में कि नहीं ?

दरबारी : सब समझ आ गया सरदार, आपकी कुर्सी के चारों पायों को बिलकुल भी खतरा नहीं !

सरदार : अच्छा अच्छा आगे बता कैसे कब, क्या किसने, कैसे, और क्यों खम्भा हिलाया ?

दरबारी : लोकतंत्र के चार रीढ़धारी पहरेदारों ने अपने कुंए वाली भांग खाने से मना कर दिया, और वो बाक़ियों को भी सचेत कर रहे हैं, हंगामा हुआ पड़ा है सरदार, सब लोग क्वेश्चन मार्क लिए खड़े हैं, कह रहे हैं लोकतंत्र खतरे में है !

सरदार : अपनी सोशल मीडिया IT सेल वालों को भाड़ा नहीं दिया क्या, वो क्या झक मार रहे हैं ?

दरबारी : दे दिया था सरदार, मगर GST काट कर दिया है तो 'की-बोर्ड डाउन' हड़ताल किये बैठे हैं, बोलते हैं हमने GST के पक्ष में सोशल मीडिया पर हवा बनाई और हमें ही पेमेंट GST काट कर दिया जा रहा है !

सरदार : ओके, मैं पेमेंट का इंतेज़ाम कराता हूँ, IT सेल वालों से कहो 24 घंटे इन रीढ़धारी लोगों का चरित्र हनन करते रहें, कोई कमी नहीं आना चाहिए, और हाँ 'फोटोशॉप गैंग' को भी लगा दो, कोई कमी नहीं आनी चाहिए !

दरबारी : ठीक है सरदार और कोई आदेश ?

सरदार : मेरे 'सेनापति' को मेसेज कर कहो कि अनारदाना, तिहाड़ी, ढिंचक चौरसिया वगैरह सभी टुकड़खोरों को फोन लगाकर अपना रूतबा दिखाए और 36 नंबर की तड़ी मारे, बोले कि ये टट्टू सब प्रोग्राम छोड़ कर दिन रात इन रीढ़धारी पहरेदारों का चरित्र हनन करने की जी तोड़ कोशिश करें, इसका अलग से पेमेंट paytm से कर दिया जायेगा !

दरबारी : जय हो, आप वाक़ई दुर्लभ हैं सरदार, कोटि कोटि प्रणाम !! 😃😜😛😃



शुक्रवार, 12 जनवरी 2018

हम वाक़ई बिलकुल तुम जैसे निकले !!


तीन दिन पहले पाकिस्तान में आठ साल की मासूम बच्ची जैनब की दुष्कर्म के बाद हत्या हुई थी, कल ही ग्रेटर नोयडा में एक कांस्टेबल ने सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया, बच्ची की दर्दभरी चीखें सुन कर लोग मौके पर पहुंचे तो पुलिसवाला आपत्तिजनक स्थिति में था, इस पर भीड़ ने पहले तो उसकी धुनाई की फिर पुलिस को बुलाया जिसने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पुलिसवाले के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है !


कभी पाकिस्तानी शायरा फहमीदा रियाज़ ने बेचैन होकर एक नज़्म लिखी थी :-
"तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले
अब तक कहाँ छिपे थे भाई ?

कई मामलों में हम पाकिस्तान से भी गए गुज़रे हैं, उदाहरण के तौर पर :-

1. हंगर इंडेस्क्स में हम पाकिस्तान से पिछड़े हुए हैं !
https://scroll.in/latest/853852/india-worse-than-bangladesh-nepal-in-tackling-hunger-situation-serious-says-report

2. हैप्पीनेस इंडेक्स में हम पाकिस्तान से कम हैप्पी हैं, उससे पिछड़े हुए हैं !
http://www.businesstoday.in/current/world/india-ranks-behind-pakistan-bangladesh-in-happiness-index/story/248427.html

3. भ्रष्टाचार के मामले में हम पाकिस्तान के गुरु हैं, एशिया में सबसे भ्रष्ट देश का ताज भारत के ही सर पर है !
http://www.tribuneindia.com/news/nation/india-is-most-corrupt-country-in-asia-forbes/460652.html

4. प्रेस फ्रीडम का गला घोंटने में के मामले में हम पाकिस्तान के उस्ताद हैं !
https://www.thenews.com.pk/print/201029-Pakistan-up-India-down-in-World-Press-Freedom-Index

इसी लिए फहमीदा रियाज़ की ये नज़्म याद आयी है, उनकी ये नज़्म कई बार सही साबित हुई थी, हुई है, और शायद आगे भी होती रहेगी !

पढ़िए पूरी नज़्म :-

तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले
अब तक कहाँ छिपे थे भाई

वो मूरखता, वो घामड़पन
जिसमें हमने सदी गँवाई

आखिर पहुँची द्वार तुम्‍हारे
अरे बधाई, बहुत बधाई।

प्रेत धर्म का नाच रहा है
कायम हिंदू राज करोगे ?

सारे उल्‍टे काज करोगे !
अपना चमन ताराज़ करोगे !

तुम भी बैठे करोगे सोचा
पूरी है वैसी तैयारी

कौन है हिंदू, कौन नहीं है
तुम भी करोगे फ़तवे जारी

होगा कठिन वहाँ भी जीना
दाँतों आ जाएगा पसीना

जैसी तैसी कटा करेगी
वहाँ भी सब की साँस घुटेगी

माथे पर सिंदूर की रेखा
कुछ भी नहीं पड़ोस से सीखा!

क्‍या हमने दुर्दशा बनायी
कुछ भी तुमको नजर न आयी?

कल दुख से सोचा करती थी
सोच के बहुत हँसी आज आयी

तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले
हम दो कौम नहीं थे भाई।

मश्‍क करो तुम, आ जाएगा
उल्‍टे पाँव चलते जाना

ध्‍यान न मन में दूजा आए
बस पीछे ही नजर जमाना

भाड़ में जाए शिक्षा-विक्षा
अब जाहिलपन के गुन गाना।

आगे गड्ढा है यह मत देखो
लाओ वापस, गया जमाना

एक जाप सा करते जाओ
बारंबार यही दोहराओ

'कैसा वीर महान था भारत
कैसा आलीशान था-भारत'

फिर तुम लोग पहुँच जाओगे
बस परलोक पहुँच जाओगे

हम तो हैं पहले से वहाँ पर
तुम भी समय निकालते रहना

अब जिस नरक में जाओ वहाँ से
चिट्ठी-विठ्ठी डालते रहना !!

हम वाक़ई बिलकुल तुम जैसे निकले !!

शुक्रवार, 5 जनवरी 2018

उर्दू अदब की ख्वातीन क़लमकारों का अंतर्राष्ट्रीय मंच वजूद में आया !!


हिंदुस्तान में उर्दू ज़बान-ओ-अदब की ख्वातीन क़लमकारों को एक मंच पर लाने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय अदबी तंज़ीम वजूद में आयी है, इस तंज़ीम का नाम है 'बनात' بنات , बनात अरबी लफ्ज़ बिन्त से बना है, जिसका मतलब बेटी होता है, बनात बिन्त का बहुवचन है, जिसका मतलब बेटियां है !

इस अदबी तंज़ीम की सदर मोहतरमा निगार अज़ीम (दिल्ली) हैं, नायब सदर - अज़रा नक़वी, जनरल सेक्रेटरी - तस्नीम कौसर (दिल्ली), सेक्रेटरी - तबस्सुम फातिमा, नसरन फतेही, ट्रेजरार - सरवत खान (राजस्थान) !

उर्दू अदब की क़लमकार ख्वातीन की इस अंतर्राष्ट्रीय अदबी तंज़ीम का मक़सद हिंदुस्तान के विभिन्न राज्यों और शहरों से उर्दू अदब को फ़रोग़ देने वाली अदीबाओं को एक मंच पर लाकर उनकी हौंसला अफ़ज़ाई करना और उनको पहचान देने के साथ साथ सेमीनार, वर्कशॉप, कॉन्फ्रेंस के ज़रिये उर्दू अदब के नए आयामों को अदबी दुनिया के सामने रखना !

इस तंज़ीम को हिंदुस्तान की मशहूर-ओ-मारूफ क़लमकार ख्वातीन की सरपरस्ती हासिल है, राष्ट्रिय और राज्य स्तर पर ख्वातीन कलमकारों का ये मार्गदर्शन भी कर रही हैं ! और इनकी इन कोशिशों से हिंदुस्तान में ख्वातीन की एक मज़बूत अदबी ईमारत तामीर हो रही है, जो आगे जाकर उर्दू अदब को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी !

तंज़ीम की सरपरस्त ख्वातीन हैं :-
बिलक़ीस ज़फ़ीरूल हसन, शहनाज़ कँवल ग़ाज़ी,ज़किया मशहदी,सबीहा अनवर,बानो सरताज,
सय्यदा शान मेराज,क़मर जमाली,क़मर जहाँ,शाइस्ता युसू,हलीमा फिरदौस और रुख़साना जबीं हैं !

तंज़ीम की एग्जीक्यूटिव मेंबर हैं :-
ग़िज़ाल ज़ीगम,क़मर क़दीर, इशरत नाहीद, नुसरत शम्सी, अंजुम क़िदवई (उत्तर प्रदेश)
कहकशां तबस्सुम, सुरैया जबीं, शाइस्ता अंजुम, अफसाना खातून (बिहार)
शहनाज़ नबी (बंगाल), अफशां मालिक (उत्तराखंड), रेनू बहल, रुबीना शबनम (पंजाब)
मलका नसीम, तस्नीम खानम, हुस्न आरा (राजस्थान)
नुसरत महदी (मध्य प्रदेश) शबनम ईशाई, सय्यदा निकहत फ़ारूक़ (कश्मीर)
मेहर अफ़रोज़, फरीदा रहमतुल्ला (कर्नाटका) - आमना तहसीन (तेलंगाना)
सबीना फरशोरी (आंध्र प्रदेश) - सादीक़ा नवाबसहर, हाजरा बानो (महाराष्ट्र)
अमीरून्निसान (तमिलनाडु) शमा अफ़रोज़, नईमा जाफरी नूर ज़हीर, शबाना नज़ीर, इफ़्फ़त ज़रीन, ग़िज़ाला क़मर, वसीम राशिद, रज़िया हैदर, तरन्नुम जहाँ, सफीना - (दिल्ली)

ये तंज़ीम सूचना क्रांति के साथ क़दमताल करते हुए सभी अदबी मेंबर्स को आपस में सोशल मीडिया पर एक दूसरे को जोड़े हुए है और इसी के चलते बनात ने अपने व्हाट्सएप, फेसबुक पेज और ग्रुप भी बनाये हैं, आप चाहें तो इन लिंक्स पर जाकर देख सकते हैं :-
https://www.facebook.com/banat.live.77
https://www.facebook.com/groups/1977475589201671/