शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

यमलोक में भी मार्केटिंग डिवीज़न


न्यू इंडिया में एक आदमी की मौत हो गयी, यमराज उसे और उसकी 'लाइफ फाइल' को लेकर ऊपर यमलोक लेकर पहुंचे, जहाँ बही खाता जांचने वाले डिपार्टमेंट ने उस आदमी की फाइल की गहन जाँच पड़ताल की, गुणा भाग करने के बाद उसके कर्मों के नतीजे देख कर सब हैरान रह गए, मामला 50 - 50 पर आकर रुक गया, यानी पाप भी 50% और पुण्य भी 50% !

ये देखकर यमलोक का स्टाफ असमंजस में पड़ गया कि इसे नर्क में भेजें या स्वर्ग में ? किसी सयाने ने सलाह दी कि सिक्का उछाल कर हेड और टेल करा लो, तो किसी ने पर्ची निकालने की सलाह दी, अंत में ये फैसला हुआ कि नर्क या स्वर्ग में जाने का निर्णय इस बन्दे पर ही छोड़ते हैं !

यमराज ने उस आदमी से कहा कि आपको नर्क जाना है या स्वर्ग ये हम आप पर ही छोडते हैं, आप जो पसंद करेंगे वही फाइनल होगा, मगर बाद में आप अपना निर्णय नहीं बदल सकते, ये सुनकर वो आदमी खुश हो गया और उसने इस फैसले के लिए अपनी रज़ामंदी दे दी, यमराज ने तुरंत ही अपने एक कर्मचारी को बुलाकर उस बन्दे के साथ भेज दिया !

जब वो कर्मचारी उसे लेकर स्वर्ग के द्वार पर पहुंचा तो उस आदमी ने देखा कि वहां बाहर अँधेरा छाया हुआ है, वीरानी फैली हुई है, स्वर्ग के गेट पर काई जमी हुई है, मैले कुचैले कपडे पहने एक चौकीदार उदास बैठा है, जब वो और पास गया तो उसे अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज़े सुनाई देने लगीं, लगा जैसे अंदर किसी पर भयंकर ज़ुल्म हो रहे हों, वो घबरा गया और साथ आये कर्मचारी से कहा कि मित्र मुझे नर्क भी दिखाओ !

वो कर्मचारी उसे लेकर आगे बढ़ा तो कुछ ही देर बाद उसे जगमग रोशनियां नज़र आने लगी, चारों ओर साफ़ सफाई, और खूब रोशनियां हो रहीं थीं, उसने साथ चल रहे कर्मचारी से पूछा कि ये रोशनियां किस की हैं तो उसने जवाब दिया कि सर जी ये नर्क की रोशनियां हैं !

जब वो नर्क के द्वार के पास पहुंचे तो उसने देखा कि नर्क के बाहर एक गार्डन में भी कुछ लोग मौज मस्ती कर रहे हैं, सुन्दर सुन्दर अप्सराएं, फल, मदिरा और मेवे लिए उनकी सेवा में खड़ी थीं, उस आदमी ने देखा कि नर्क के गेट पर एक सुन्दर सा चौकीदार उम्दा शेरवानी और सर पर पगड़ी पहने हर अंदर जाने वाले को मुस्कुरा कर झुक एक गुलाब का फूल दे रहा था, नर्क के अंदर से उसे मधुर संगीत के साथ खूब हंसने और अट्टहास लगाने की आवाज़े आ रही थीं !

वो ये देखकर हैरान रह गया, उसने अपने साथ आये कर्मचारी से कहा कि आप जाकर यमराज से कह दीजिये कि उसे यहीं नर्क में रहना है, स्वर्ग बिलकुल नहीं जाना ! कर्मचारी ने मुस्कुरा कर कहा ठीक है सर जी, उसके बाद उसने उस आदमी को नर्क के चौकीदार के हवाले किया और वापस यमराज के पास निकल लिया !

वो आदमी जब चौकीदार के पास पहुंचा तो चौकीदार ने अदब से झुक कर उसे एक गुलाब का फूल दिया और नर्क का दरवाज़ा खोलते हुए कहा वेलकम सर जी ! वो आदमी जैसे ही थोड़ी दूर अंदर गया उसके होश उड़ गए, वहां लोग उलटे लटके हुए थे, राक्षस किसी को आग में तपा रहे थे तो किसी पर सांप बिच्छु छोड़े हुए थे, चारों ओर चीत्कारें और रोने की आवाज़ें आ रही थीं, वो आदमी पलट कर भागा और दरवाज़े पर आकर चौकीदार से कहा कि मुझे बहार निकालो, चौकीदार की आवाज़ आयी कि जो एक बार अंदर गया बाहर नहीं आ सकता !

उस आदमी कहा कि मेरी यमराज से बात करा दो मेरा केस नया है और स्पेशल है, उस चौकीदार ने फ़ौरन ही व्हाट्सअप वीडियो कॉलिंग कर यमराज से उसकी बात कराई, यमराज ने कहा क्या परेशानी है तुम्हे, तुमने अपने आप ही सब कुछ देख भाल कर नर्क का चुनाव किया है ?

वो आदमी बोला यमराज सर स्वर्ग के बाहर मनहूसियत छाई हुई थी, अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं, बूढा बदहाल चौकीदार बाहर बैठा था, मैं स्वर्ग में कैसे अंदर चला जाता ? और उसके उलट मुझे नर्क के बाहर एक से बढ़कर एक आनंददायक चीज़ें देखने को मिलीं, उसी को देखकर मैंने अपना फैसला लिया, मगर अंदर आकर वास्तविकता कुछ और ही निकली , ये तो चीटिंग है, मेरा साथ तगड़ी चोट हो गयी, ये मामला क्या है सर ?

यमराज ने कहा देखो मानव आजकल मार्केटिंग का दौर है, सियासत से लेकर उत्पादों तक लोग मार्केटिंग कर लोगों को कैसे भी करके मूर्ख बनाकर अपना उल्लू सीधा करते हैं, नेता मार्केटिंग कर जनता को उल्लू बनाकर वोट हासिल कर लेते हैं, कम्पनियाँ मार्केटिंग कर नल्ला माल बेचकर फरार हो जाती हैं, बाद में कोई पूछने वाला नहीं होता !

तो हमने भी यही सब कुछ देखकर यहाँ यमलोक में अपना भी मार्केटिंग डिवीज़न खोल लिया है, मार्च में क्लोजिंग है, हमें अपना टारगेट भी पूरा करना है, ऊपर से नर्क में आवक जावक बहुत कम होने लगी थी, नर्क का स्टाफ फालतू बैठा है, मुखबिर ने खबर दी थी कि नर्क का स्टाफ काम न होने की सूरत में कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं, उधर स्वर्ग में सीटें फुल थीं, कई लोग वेटिंग में थे, तो हमने सोचा कि नर्क की भी मार्केटिंग करके देखा जाए, तुमने जो कुछ भी देखा वो सब हमारे यमलोक की मार्केटिंग का ही कमाल है !! 😂😛

*नोट : व्यंग्य मात्र है, कृपया विवेक से काम लें !!

गुरुवार, 15 फ़रवरी 2018

फेसबुक की लत से निम्न स्टेप्स अपना कर छुटकारा पाया जा सकता है !


अगर आप सोशल मीडिया एडिक्शन से परेशान हैं, फेसबुक एक लत बनकर आपसे चिपक गया है, छोड़ना चाह कर भी नहीं छोड़ पा रहे हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है, आपको बताता हूँ कि फेसबुक की लत से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है !

इसके लिए आपको एक सप्ताह से भी कम वक़्त में फेसबुक की लत पर काबू पाना आ जायेगा, कैसे ये यहाँ समझिये :-

1 > सबसे पहले तो तय कीजिये कि आपको फेसबुक छोड़ना ही है, उसके बाद ये तय कीजिये कि कितने घंटे दिन या महीने के लिए छोड़ना है, और उसके बाद अपनी इच्छा शक्ति पर यक़ीन बनाईये, यानी कि सोचिये कि आप ये कर सकते हैं "Yes I Can Do It." वाली बात आप अपने दिमाग़ में बैठा लीजिये !

2 > उसके बाद फेसबुक पर जाइये अपनी एक्टिविटीज कम करना शुरू कीजिये, जैसे कि अगर आप 24 घंटों में आठ अपडेट्स करते हैं तो इसको सीमित करना शुरू कीजिये, पहले दिन से ही अपडेट्स कम करना शुरू कीजिये, कोशिश कीजिये कि पहले ही दिन कोई अपडेट ना करें !

3 > उसके बाद अगला क़दम ये कि आप अपने दोस्तों की पोस्ट्स या अपडेट्स पर like या कमेंट करना बंद कर दीजिये, पढ़ सकते हैं मगर आपकी हिस्सेदारी ख़त्म कर दिजीये, इससे आपका कनेक्शन और लगाव ख़त्म होने में मदद मिलेगी, फिर भी दिल ना माने तो ऐसे लोकल और आमियाना अपडेट कीजिये कि कोई दोस्त घास ही नहीं डाले, इससे भी आपकी तबियत को फेसबुक से उखड़ेगी !

4 > इसके बाद आप कोशिश कीजिये कि मोबाइल पर हों तो लॉगआउट हो जाएँ, लॉगिन न रहें, इससे आपको नोटिफिकेशन्स नहीं मिलेंगे, आपकी दूरी बनी रहेगी, कोशिश कीजिये कि उस दौरान नेट भी बंद कर दें, भले ही आधे या एक घंटे से इसकी शुरुआत कर सकते हैं !

5 > इसके बाद अगले दिन मैसेंजर अनइंस्टॉल कर दें, ये भी एक झंझट है इस लत को जारी रखने में !

6 > अगले दिन या कुछ घंटों बाद अगर फेसबुक की तलब उठे तो बेझिझक लॉगिन करें और फेसबुक पर टहल लगाएं, मगर न अपडेट करें ना ही किसी के अपडेट पर किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया दें, इस तरह से आपको दो एक दिन में ही फेसबुक से अलगाव सा महसूस होने लगेगा !

7 > इसके साथ आपने जितने भी लोगों को फेसबुक पर see first किया हुआ है, उन्हें आज़ाद कर दें, इससे आपको उनकी पोस्ट जल्दी नज़र नहीं आएगी !

8 > यही क्रम दो तीन दिन दोहराएं, यानी कुछ घंटे फेसबुक पर टहलें, न लिखें न प्रतिक्रिया दें, जब भी फेसबुक छोड़ें लॉगआउट ज़रूर करें, मैसेंजर आपने पहले ही अनइंस्टॉल कर दिया है, इसके साथ साथ अगर कोई इमरजेंसी वाली बात ना हो तो नेट भी ऑफ करने की मियाद बढ़ाते जाएँ !

9 > इसके बाद अगला क़दम ठान कर उठायें और वो ये कि एक दिन के लिए फेसबुक पर लॉगिन बिलकुल न करें, उसकी जगह ओपेरा मिनी पर या क्रोम पर न्यूज़ चैनल्स देखें या अखबार या कोई ब्लॉग्स आदि पढ़ें !

10 > फिर इसकी मियाद बढ़ा कर दो दिन तीन दिन करते रहिये, इस दौरान अगर मन भटके या फेसबुक की तलब लगे तो अपने घर परिवार के साथ बैठें, दोस्तों को फोन करें, शादी शुदा हैं तो पत्नी बच्चों के साथ घूमने फिरने का छोटा मोटा प्रोग्राम बनायें !

11 > चार पांच दिन में आपको लगने लगेगा कि ये इतना मुश्किल बिलकुल नहीं है, उसके बाद आप ये तय कीजिये कि अब मैं एक हफ्ते के लिए फेसबुक छोड़ दूंगा, और मैं वाक़ई अब छोड़ सकता हूँ, इसके साथ फेसबुक पर लॉगिन कीजिये और अपने फेसबुक छोड़ने की खुले आम घोषणा कर दीजिये, और अपनी वापसी की तारिख या दिन या मियाद भी ज़रूर बताइये, ये आपकी इच्छा शक्ति का मुज़ाहिरा भी होगा, और ये ज़रूरी भी है वो इसलिए कि घोषणा से आप बंध जायेंगे, कहीं आप अपने इरादे से भटके तो आपको फेसबुक पर की गयी घोषणा याद आएगी और आपके क़दम रुक जायेंगे ! कोशिश यही कीजिये कि आपकी जितनी इच्छा शक्ति इजाज़त दे उतने ही दिन के लिए पहली बार फेसबुक छोड़ें, भले ही उसके बाद अगली बार इस मियाद को बढ़ा दें ! एकदम लम्बी मियाद जैसे एक महीने या दो महीने के लिए अचानक से फेसबुक छोड़ना हर किसी के बस की बात नहीं !

12 > और इस ऐलान के फ़ौरन बाद बिना दोस्तों के कमेंट्स या न छोड़ने की रिक्वेस्ट को नज़र अंदाज़ करते हुए एक झटके से फेसबुक से लॉगआउट हो जाइये ! और उसके बाद फेसबुक को भी मैसेंजर की तरह अनइंस्टॉल कर दीजिये, आपको अपने आप पर फख्र सा महसूस होगा, आपको लगेगा कि आपने एक मोर्चा फतह कर लिया, आपने अपनी इस फेसबुक कि लत पर काबू पा लिया है !

13 > इसके बाद आप चाहें तो ट्वीटर पर अपना अकाउंट बनाकर करंट टॉपिक्स पर अपडेट्स वगैरह पढ़ सकते हैं, मगर वहां भी अपनी गतिविधि सीमित ही रखें !

ये सभी नुस्खे मेरे आज़माये हुए हैं, मैं साल में दो तीन बार महीने डेढ़ महीने के लिए फेसबुक छोड़ देता हूँ, आज भी कोई शर्त लगाए तो मैं दस मिनट से भी कम वक़्त में महीने दो महीने फेसबुक छोड़ सकता हूँ ! जब भी ज़रूरत हो आप भी कोशिश कीजिये, दुनिया में कोई भी लत ऐसी नहीं जो ना छोड़ी जा सके !!